देहरादून। उत्तराखंड में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और मानसून से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूस्खलन, बाढ़ और भू-कटाव संभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर संवेदनशील गांवों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची तैयार की जाए। साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि यात्रियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का पूर्व चिन्हीकरण कर उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा मौसम संबंधी अलर्ट और चेतावनियों का ग्राम स्तर तक त्वरित प्रसारण करने तथा पर्यटकों और यात्रियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने आपदा संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड, डंपर और अन्य मशीनरी की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद मार्गों को शीघ्र खोलने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं। साथ ही SDRF, NDRF, पुलिस, फायर सर्विस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ नियमित मॉक ड्रिल आयोजित की जाए तथा प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
